जाने भारत देश आजादी के बाद के आत्मनिर्भर बनने के लिए उठाए गया बड़ा कदम

भारत आत्मनिर्भर 2020 कैसे बनेगा

How India will become self-reliant 2020


12 मई को देश के प्रधान मंत्री ने देश को संबोधित करते हुए लगभग देश को करोना के साथ लड़ने के लिए 20लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया यह रकम देश की जीडीपी का 10 प्रतिसत है नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत देश को आत्मनिर्भर बनना होगा

आज हम आपको देश के आजादी के बाद देश के आत्म निर्भर बनने के क एक बहुत बड़े कदम के बारे में बताएंगे

1. हरित क्रांति

 Green Revolution



हरित क्रांति का मुख्य उद्देश्य देश में फसल के उत्पादन को बढ़ाने का मकसद था हरित क्रांति में किसानों को फसल उगाने के लिए अच्छी किस्म के बीज प्राप्त करते गए और किसानों को फसल उगाने के लिए जागरूक किया गया

  हरित क्रांति की जरूरत क्यो थी भारत को

वर्ष 1947 में देश की आबादी 30करोड़ थी और उस समय देश में में फसल बहुत काम उगाए जाती थी और बहुत ही हल्के किस्म के बीज का इस्तमाल होता था और और इस कारण देश के पास खाद्यान्न उत्पादन बहुत कम था और देश के लोगों के आपूर्ति के लिए यह खाद्यान्न उत्पादन बहुत कम था इसको देखते हुए खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सन 1966 में हरित क्रांति की  शुरुआत की

हरित क्रांति का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा

वर्ष 1968 में गेहूं का उत्पादन 170 लाख टर्न हो गया जो कि उस समय रिकॉर्ड था 2019 में देश में 102 पॉइंट 19 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हुआ 2026 तक भारत में गेहूं उत्पादन में नंबर 1
 बन सकता है

हरित क्रांति से देश अपने खाद्यान्न सामानों की की उत्पत्ति करने लगा और देश के पास खाद्यान्न उत्पादन का भंडार पर्याप्त मात्रा में रहने लगा

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